10 हजार रूपये राशि का उद्घोषित ईनामी, फरार भूमाफिया क्राईम ब्रांच इन्दौर कि गिरफ्त में।

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इंदौर/मध्यप्रदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमति रूचिवर्धन मिश्र इन्दौर (शहर) व्दारा शहर में जमीन घोटाले कर अवैध तरीके से फर्जी कालोनियां विकसित कर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले भू माफियाओं के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुये जमीन संबंधी धोखाधड़ी की वारदातों पर अंकुश पाने हेतु तथा ऐसे कृत्यों में लिप्त अपराधियों की धरपकड़ करने हेतु इंदौर पुलिस को निर्देशित किया गया था। उक्त निर्देशों के तारतम्य में पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) इंदौर श्री सूरज वर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम ब्रांच श्री अमरेन्द्र सिंह व्दारा क्राईम ब्रांच की समस्त टीम प्रभारियों को इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से प्रभावी कार्यवाही करने हेतु समुचित दिशानिर्देश दिये गये थे।

इसी अनुक्रम में क्राईम ब्रांच इंदौर की टीम द्वारा फरार भूमाफियाओं तथा उद्घोषित ईनमी आरोपियों की धरपकड़ करने हेतु मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। तद्उपरांत क्राईम ब्रांच की टीम को मुखबिर तंत्र के माध्यम से सूचना मिली कि थाना द्वाराकापुरी के अपराध क्रमांक 283/16 धारा 420, 467, 468 भादवि में फरार 10 हजार रूपये का उद्घोषित ईनामी फरार आरोपी निरंजन पिता स्व0 बंशीलाल नागा निवासी 85/2 जूना राज मोहल्ला इंदौर
अपने चार पहिया वाहन क्रमांक एमपी 09 सी वाय 1200, स्कोडा से शहर से बाहर जाने के लिये रवाना हुआ है। सूचना पर क्राईम ब्रांच की टीम ने थाना द्वारिकापुरी पुलिस के साथ संयुक्त कार्यवाही करते हुये शहर से बाहर जाने वाले सभी मुख्य मार्गाें पर चेकिंग शुरू की तो चार पहिया वाहन क्रमांक एमपी 09 सी वाय 1200, स्कोडा को रोककर, आरोपी निरंजन पिता स्वo बंशीलाल नागा 45 साल निवासी 85 जूना राज मोहल्ला मल्हारगंज इंदौर को पकड़ा गया।

आरोपी निरंजन नागा, बड़जात्या फार्म के मालिक के साथ नौकरी करता था जिसने प्रकरण के फरियादियों को श्रद्धा सबुरी एनएक्स नाम कालोनी में एक भूखण्ड नोटरी परिपत्र के माध्यम से सम्पूर्ण प्रतिफल राशि प्राप्त कर बेचा था किंतु कुछ समय बाद अचानक रियल इस्टेट बाजार में उछाल आने से जमीन के दाम बढ़ जाने से आरोपीगण षणयंत्रपूर्वक फरियादी को डरा धमका कर उसके स्वामित्व तथा आधिपत्य की जमीन वापस से हथियाना चाहते थे जिन्होंनें गुण्डागर्दी करते हुये फरियादियों को उपरोक्त भूखण्ड पर ना सिर्फ निर्माण कार्य करने से रोका बल्कि भूखण्ड संबंधी नोटरी दस्तावेज आदि को वापस करने की भी मांग की जिसके तारतम्य में इंदौर पुलिस को जनसुनवाई में आवेदन दिया गया था उपरोक्त शिकायती आवेदन पत्र की जांच पर से आरोपीगणों के विरूद्ध थाना द्वारिकापुरी में अपराध क्रमांक 283/16 धारा 420, 467, 468 भादवि के तहत पंजीकृत किया जाकर विवेचना में लिया गया था। प्रकरण कायम होने के बाद से ही आरोपी फरार हो गया था जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) इंदौर द्वारा 10 हजार रूपये के नगद ईनाम की उद्घोषणा जारी की गई थी जिसे क्राईम ब्रांच की टीम द्वारा पतारसी उपरांत धरदबोचा गया।

आरोपी कक्षा 10 वीं तक पढ़ा है तथा पूर्व में कैटरिंग, बॉय हॉस्टल, आदि कार्याें को संचालित करता रहा है जमीनी क्रय विक्रय में मुनाफा अधिक होने के नाते वह रियल इस्टेट के काम लग गया जिसने दुभार्वनापूर्वक लोगों को ठगने के उद्देशय से भूखण्डों के क्रय विक्रय में छलकपट तथा धोखाधड़ी कारित की। आरोपी लगभग 30 माह से फरार चल रहा था जोकि भोपाल, हरदा, देवास, नागोर राजस्थान आदि जिलों में छपुकर फरारी काट रहा था। आरोपी ने श्रद्धा सबुरी एनएक्स कालोनी में कई भूखण्डों को एक से अधिक लोगों को बेचना भी स्वीकारा है जिसके संबंध में बहन पूछताछ तथा तफ्तीश जारी है।

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